तीर्थराज प्रयागराज को यूं ही कुंभ नगरी नहीं कहा जाता। हर साल माघ महीने में यहां आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ता है, जिसे देखकर लगता है मानो पूरा भारत एक ही स्थान पर आ गया हो।
Himika Singla
2026-01-14 11:17:06